All Books
Verses & Passages
5 itemsdham
वृंदावन धाम का तो गोविंद राधे
वृंदावन का रस परम और अवर्णनीय है।
general
राधे नाम लेने वाला गोविन्द राधे
राधे नाम लेने वाला गोविन्द राधे, जब जहाँ चाहे, नामी को बुला दे । - जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (6721) वह जो श्री राधा का नाम जप ...
general
मेरी दाईं आँख पिए, बाईं आँख प्यारी
" मेरी दाईं आँख पिय, बाईं आँख प्यारी । नित नयी नयी लागे, छवि पिए प्यारी प्यारी॥ " - ब्रज रस माधुरी, जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज श्री राधा मेरी बा...
general
राधे राधे नाम सुनि गोविंद राधे
जब मृत्यु के देवता यमराज किसी को श्री राधा के नाम का जाप करते हुए सुनते हैं, तो वे उस व्यक्ति के पापों की बही (अच्छे बुरे कर्मों का लेखा जोखा रखने क...
shloka
वृंदावन धाम का तो गोविंद राधे
वृंदावन का रस परम और अवर्णनीय है।