All Books
Verses & Passages
2 itemsgeneral
यह आनंद कहौ न परे री
वृंदावन का परम आनंद ("नित्य विहार") शब्दों में नहीं बताया जा सकता। श्री ललित मोहिनी देव कहते हैं कि जब भी मै श्री राधा कृष्ण की जोड़ी को देखता हूँ तो...
shloka
यह आनंद कहौ न परे री
वृंदावन का परम आनंद ("नित्य विहार") शब्दों में नहीं बताया जा सकता। श्री ललित मोहिनी देव कहते हैं कि जब भी मै श्री राधा कृष्ण की जोड़ी को देखता हूँ तो ...