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Sacred Scripture

प्रेमरस मदिरा

Verses & Passages

4 items
general

हमारी राधे, निराधार आधार

भावार्थ- हमारी किशोरी जी निरवलम्ब की अवलम्ब हैं । उनकी पतितपावनता की बान इसी से स्पष्ट है कि वे अपने को पतित मानने वाले को ही, दिव्य प्रेमदान प्रदान क...

general

हमारी स्वामिनी राधे रानी

हमारी स्वामिनी वृषभानु नंदिनी श्री राधारानी हैं। [1] जो अत्यंत भोली-भाली सरलहृदया एवं प्रेमसुख की खान हैं। उनका नित्य निवास-धाम श्री बरसाना है, एवं उन...

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हमारी स्वामिनी राधे रानी

हमारी स्वामिनी राधे रानी॥ [1] श्री वृषभानु किशोरी भोरी, सरल प्रेम-सुख-खानी। श्री बरसानो नित्य-धाम अरु, वृन्दावन रजधानी॥ [2] सखिन-जूथ सँग नित प्रति नव-...

shloka

हमारी राधे, निराधार आधार

भावार्थ- हमारी किशोरी जी निरवलम्ब की अवलम्ब हैं | उनकी पतितपावनता की बान इसी से स्पष्ट है कि वे अपने को पतित मानने वाले को ही, दिव्य प्रेमदान प्रदान क...