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Sacred Scripture

रसिक मंजरी

Verses & Passages

5 items
general

इनको सहज सुहाग सुख, वर्णनत बनत न बैंन

श्री प्रिया-प्रियतम का सहज दाम्पत्य-रस वाणी से वर्णित नहीं किया जा सकता। यदि इसका परिचय प्राप्त करना है, तो निष्काम रसमय भजन के नेत्रों से इसे निहारना...

general

नित नव दूलह-दुलहिनी, सुंदर सहज सुदेश

मनोहर देश श्री वृंदावन धाम में नित्य नवीन दूल्हा दुल्हन विराजमान हैं जिनकी बदन ज्योति पर कोटि कोटि चंद्रमाओं को न्यौछावर कर देना चाहिए।

general

लाड़ली लाल दोउ, रस रगमगे अपार

नित्य विहार के अपार रस में रंगे, श्री लाड़ली लाल अपने तन और मन की सुधि को भुलाए हुए, उस महारस सिंधु में सदा मगन हैं।

general

प्रीतम कै धन प्यारी ए, प्यारी कै धन पीय

निकुंजेश्वर श्रीकृष्ण का सर्वस्व श्री राधा हैं और निकुंजेश्वरी श्री राधा का सर्वस्व श्रीकृष्ण। एक-दूसरे के अतिरिक्त उन्हें कुछ भी प्रिय नहीं लगता; एक-...

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रसिक शिरोमनि सांवरो गौरी अद्भुत रूप

रसिक-शिरोमणि श्यामसुन्दर और अद्भुत रूप-लावण्य से युक्त गौरवर्णा श्री राधा, श्रीधाम वृन्दावन के गहन कुंजों में युगल रूप से विविध रसपूर्ण लीलाओं में नित...