Verses & Passages
10 itemsकोक कला संगीत लाल कौं
ये किशोरी जी [श्री राधा] लाल जी [श्री कृष्ण] को बड़ी रस भरी रीति से प्रेम शास्त्र का गीत संगीत सिखाया करती हैं। [1] ये सुंदर रूप, किशोर वयस और समग्र ...
जाकौं दरसन इत मिलै
जिस मनुष्य को इस संसार में सर्वत्र राधा कृष्ण की झलक दिखाई देती है, केवल उसे ही मरने के बाद दिव्य वृन्दावन में राधा कृष्ण का साक्षात्कार होता है। इस भ...
परस्पर दोउ चकोर, दोउ चंदा
भावार्थ - भगवतरसिकजी कहते है कि रसिकबिहारी प्रियतम और रसिक बिहारिणी श्रीप्रियाजी - दोनों एक दूसरे के लिए चकोर है और दोनों ही चन्द्रमा हैं। दोनों ही चा...
जयति नव नागरी, रूप गुन आगरी
नवनागरी किशोरी श्रीराधे, आप रूप और गुणों की खान हैं, सब सुखों की निधि है आपकी जय हो। आप अपार सौंदर्यशालिनी हैं, उज्जवल केली -विलास की कामनाओं से भरी ह...
आज तो छबीली राधे रसभरी डोलहीं
(प्रिया जी परिहास करने में बड़ी निपुण है। वे आज प्रियतम से नटखटी कर रही हैं।) आज जो शोभामयी श्रीकिशोरी जी (श्री राधा) प्रेम रस में उन्मत्त होकर डोल ...
जयति रस मूर री
भगवत रसिक जी कहते हैं कि हे राधे आप रस की मूल स्रोत हैं। आपकी देह की दिव्य सुगंध और कंठ का अत्यंत मनोहर स्वर रसिक जनों का प्राणाधार है। आपकी जय हो, आ...
अद्भुत रस की खानि, सदा सुखदानि बिहारिनि रानी
भगवत रसिक जी के शब्दों में नित्य सुख देने वाली निकुंजेश्वरी श्रीकिशोरी जी नित्य विहार रस की विलक्षण खान है। (सामान्य खाने, खनिज निकालते निकालते एक दि...
जाकों दर्शन इत् मिलै, ताकौं दर्शन उत्त
जिस मनुष्य को इस संसार में सर्वत्र राधा कृष्ण की झलक दिखाई देती है, केवल उसे ही मरने के बाद दिव्य वृन्दावन में राधा कृष्ण का साक्षात्कार होता है। इस ...
परस्पर दोउ चकोर, दोउ चंदा
परस्पर दोउ चकोर, दोउ चंदा | दोउ चातक, दोउ स्वाति,दोउ घन, दोउ दामिनी अमंदा || दोउ अरबिंद, दोउ अलि लंपट, दोउ लोहा दोउ चुबंक | दोउ आसक, महबूब दोउ मिलि, ज...
जयति रस मूर री
भगवत रसिक जी कहते हैं कि हे राधे आप रस की मूल स्रोत हैं। आपकी देह की दिव्य सुगंध और कंठ का अत्यंत मनोहर स्वर रसिक जनों का प्राणाधार है। आपकी जय हो, आप...