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नव निकुंज मन कौं अगम
नव निकुंज वन मन-बुद्धि से अगम्य है, जहाँ असंख्य कामदेव भी सेवा में तत्पर रहते हैं। वही श्री श्यामा-श्याम की दिव्य केलि-स्थली है, जहाँ प्रेम-रस का अखंड...
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नित्य केली आनंद रस
मेरे हृदय में श्यामा-श्याम की वह युगल-जोड़ी नित्य निवास करती है, जो वृन्दावन के कुंजों के मध्य आनन्दरूप रस बरसा रही है और जो सदा नित्य-केलि में परायण...
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हरि राधा वृंदाविपिन
श्री राधा-कृष्ण वृन्दावन में नित्य ही विहार-रस बरसाते रहते हैं; अनन्त कल्प बीत चुके हैं, पर वे एक क्षण के लिए भी कभी बिछुड़ते नहीं।