All Books
Verses & Passages
4 itemsgeneral
विपिन वास दैनी प्रिया करुणा की भंडार
करुणा की भंडार श्री प्यारी जू (श्री राधा) ने कृपा कर मुझे श्री धाम वृंदावन का वास प्रदान किया है। जिन पर श्री राधा अपनी थोड़ी सी दृष्टि डाल देती हैं, ...
general
उर प्रकाश हो रूप को
यदि कोई “श्री राधा” नाम का सतत जप करने का नियम दृढ़ता से धारण कर ले, तो शीघ्र ही उसके हृदय में श्री राधा का दिव्य रूप प्रकाशित होने लगे और नेत्रों में...
general
कुंजभवन सर्वेश्वरी साहिबनी सिरताज
कुंजभवन सर्वेश्वरी, साहिबनी सिरताज। आनन्दकन्दनी मृदुल चित्त, सदा गरीबनिवाज॥ - श्री रूप माधुरी, श्री रूप माधुरी जी की वाणी, श्री राधा नाम अंक (16) क...
general
रसविलसनी रसमगन नित
श्री रूपमाधुरी जी प्रार्थना करते हैं कि जो सदैव रस-विलास में निमग्न रहती हैं और जिनकी अनुपम छवि प्रत्येक क्षण नवीन एवं अद्भुत प्रतीत होती है, ऐसी श्री...