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श्रीहरिवंश सु रीति सुनाऊँ
श्री सेवक जी कहते हैं "अब मैं श्री हरिवंश की रसोपासना की सुन्दर परिपाटी सुनाता हूँ जिसमें श्यामाश्याम का एक साथ गान किया जाता है। [1] इन दोनों में एक ...
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निरखत नित्य विहार, पुलकित तन रोमावली
निरखत नित्य विहार, पुलकित तन रोमावली। आनंद नैन सुढार, यह जू कृपा हरिवंश की। - श्री सेवक जी (दामोदर दास) - श्री सेवक वाणी नित्य विहार का दर्शन हो रहा ...
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निरखत नित्य विहार, पुलकित तन रोमावली
निरखत नित्य विहार, पुलकित तन रोमावली। आनंद नैन सुढार, यह जू कृपा हरिवंश की। - श्री सेवक जी (दामोदर दास) - श्री सेवक वाणी नित्य विहार का दर्शन हो रहा ह...