हे राधे! आपने मुझे अपना स्वीकार कर लिया है। मैं चाहे अति मूढ़ हूँ, कुछ भी नहीं जानता-समझता हूँ, फिर भी आपने मुझसे अपना सुंदर यशोगान करवा लिया है। [1] ...