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ग्रन्थ के पद एवं श्लोक
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जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम, सब सुख दैंन परम हितकारी, रसिकन कौ विश्राम । अली किशोरी कौन कहे गुन, निज गुन गावत श्याम । - श्री अली किशोरी, श्री किशोरी अली ...
general
स्वामिनी कब यौं तुम्हे लड़ाऊँ
श्री राधे, ऐसा कब होगा कि आपकी प्रेम पूर्वक मैं सेवा और लाड़ लड़ाउंगी और आपके चिकने और लम्बे कारे केशों में सुगन्धित तेल लगाउंगी ?
dham
जय जय श्री वृन्दावन धाम
श्री वृंदावन धाम की सभी महिमा, असीम आनंद का निवास और रसिकों के लिए अनुकूल और आरामदायक स्थान है। वृंदावन के दर्शन (दृष्टि) होने से, सभी आध्यात्मिक इच्...
shloka
स्वामिनी कब यौं तुम्हे लड़ाऊँ
श्री राधे, ऐसा कब होगा कि आपकी प्रेम पूर्वक मैं सेवा और लाड़ लड़ाउंगी और आपके चिकने और लम्बे कारे केशों में सुगन्धित तेल लगाउंगी ?
shloka
जय जय श्री वृन्दावन धाम
श्री वृंदावन धाम की सभी महिमा, असीम आनंद का निवास और रसिकों के लिए अनुकूल और आरामदायक स्थान है। वृंदावन के दर्शन (दृष्टि) होने से, सभी आध्यात्मिक इच्छ...