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Sacred Scripture

श्री विठ्ठल विपुल देव जू की वाणी

ग्रन्थ के पद एवं श्लोक

11 items
general

लालनु तेरेई आधीन

हे श्री राधा, श्री कृष्ण हर क्षण आपके आधीन रहते हैं।श्री विट्ठल विपुल देव जी कहते हैं, “सखी मैं सत्य कहती हूँ, तुम जल के समान हो और श्री कृष्ण मछली क...

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रस बस होत लाल प्यारी तेरी बदन झलक

हे श्री राधिका प्यारी, श्याम सुन्दर आपके रस के नित्य ही वशीभूत रहते हैं, आपके दिव्य स्वरुप की हर क्षण, एक झलक पाने के लिए लालायित रहते हैं। आपके सहज स...

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लालन तेरे ही आधीन, सुन री सखी हौं साँच कहति हौं

हे श्री राधा, श्री कृष्ण हर क्षण आपके आधीन रहते हैं । श्री विट्ठल विपुल देव जी कहते हैं, "सखी मैं सत्य कहती हूँ, तुम जल के समान हो और श्री कृष्ण मछली ...

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प्यारी तेरे नैना री अति बांके, ललित त्रिभंगी बिहारी नागर

प्यारी तेरे नैना री अति बांके, ललित त्रिभंगी बिहारी नागर, तैं अपने करि आंके - श्री विठ्ठल विपुल देव जी, श्री विठ्ठल विपुल देव जू की वाणी (25) श्री र...

general

करूणानिधि मम स्वामिनी

हे करुणानिधि स्वामिनी राधा प्यारी! अब कृपा कर आप ही मेरा हाथ पकड़ लीजिए और करुणा करके मुझे अपने साथ रख लीजिए।

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सुनहु रसिक श्रीवृन्दावन को जस

हे रसिक भक्तों ! श्री वृन्दावन धाम की महिमा एवं यश सुनें जहां श्री वृंदावन की कुंज केलियों में श्री कृष्ण मानिनी श्री राधा के वशीभूत होकर अंतरंग क्रीड़...

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रस बस होत लाल प्यारी तेरी बदन झलक

हे श्री राधिका प्यारी, श्याम सुन्दर आपके रस के नित्य ही वशीभूत रहते हैं, आपके दिव्य स्वरुप की हर क्षण, एक झलक पाने के लिए लालायित रहते हैं। आपके सहज स...

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प्यारी तेरे नैना री अति बांके, ललित त्रिभंगी बिहारी नागर

श्री राधिका, आपकी आंखें वास्तव में तिरछी हैं जो अमृत से भरी हैं। श्री ललित त्रिभंगी  (जो तीन स्थानों नेत्र ,गर्दन और कमर पर मुड़ी हुई है और झुकी हुई ह...

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करूणानिधि मम स्वामिनी

हे करुणानिधि स्वामिनी राधा प्यारी अब कृपा कर आप ही मेरा हाथ पकड़ लीजिए एवं करुणा कर मुझे अपने साथ रखिए।

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लालन तेरे ही आधीन, सुन री सखी हौं साँच कहति हौं

हे श्री राधा, श्री कृष्ण हर क्षण आपके आधीन रहते हैं | श्री विट्ठल विपुल देव जी कहते हैं, "सखी मैं सत्य कहती हूँ, तुम जल के समान हो और श्री कृष्ण मछली ...

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सुनहु रसिक श्रीवृन्दावन को जस

हे रसिक भक्तों ! श्री वृन्दावन धाम की महिमा एवं यश सुनें जहां श्री वृंदावन की कुंज केलियों में श्री कृष्ण मानिनी श्री राधा के वशीभूत होकर अंतरंग क्रीड़...