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राधे राधे च कृष्णेशे
हे कृष्ण की स्वामिनी ! कृष्ण की प्राणभूता ! कृष्ण के मन को चुराने वाली ! भक्तों को अपना धाम देने वाली, हे श्री राधिके! तुम मुझपर प्रसन्न हो!
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भक्तानानन्दसंदोहवर्द्धिनि
भक्तों के आनंद का वर्धन करने वाली, ध्यान का परम विषय, करोड़ों सूर्य-चन्द्रों की कान्ति को हेय कर देने वाली, हे राधिका, मुझ पर कृपा करो!