ग्रन्थ के पद एवं श्लोक
8 itemsमुक्ति रहति द्वारें खरी
बरसाना धाम की जय हो, जहाँ मुक्ति भी साक्षात् द्वार पर कुछ सेवा प्राप्त करने के लिए हाथ जोड़कर खड़ी रहती है, और जहाँ दासी की दासी भी उस मुक्ति की ओर दृ...
श्री वृषभानु कुल की भूषन जगत अभूत
श्री वृषभानु कुल में प्रकटी श्री राधा संपूर्ण विश्व में अनुपम मणि के रूप में चमक रही हैं। ऐसी पुत्री पर कोटि कोटि राजाओं के पुत्रों को न्यौछावर कर देन...
अष्ट सिद्धि नव निद्धि जिहीं
श्री बरसाना धाम की जय हो जहाँ अष्ट सिद्धि एवं नवों निधि विचरण करते हैं, और जहाँ श्री लक्ष्मी जी दासी बनकर श्री राधारानी के महल की सेवा प्राप्ति हेतु द...
नागिरि नागर भाव तैं मंगल रूप रसाल
दिव्य युगल श्री राधा-कृष्ण अद्भुत रस को बरसाने वाली परम मंगलकारी जोड़ी हैं। नित्य मंगलमयी भूमि श्रीधाम वृंदावन में, प्रेम और रस की दिव्य होली नित्य ही...
रंगीली गलिन बिच हो हो होरी
बरसाना की रंगी गली में अपार उमंग के साथ होली खेली जा रही है। एक ओर नन्दनन्दन रसिक श्रीकृष्ण हैं और दूसरी ओर वृषभानुनंदिनी श्रीराधा अपनी सखियों सहित वि...
Asht Siddhi Nav Niddhi Jihin
Nagiri Nagar Bhaav Ten, Mangal Roop Rasaal.Nit Mangal Vrindavipun, Nitya Phag Rasa Khyaal.- Shri Nagridas Ji (Maharaj Sawant Singh Ji), Shri Nagridas ...
Pyari Ke Pain Lal Javak Dain
Pyari Ke Pain Lal Javak Dain, Charan Kamal Chit Hit Lagai. [1] Seenk Saneh Sanvari Syam, Ghan Likhat Chitra Bahu Vidhi Banai. [2] Nakh Mani Joti Nirak...
Rangili Galin Bich Ho Ho Hori
Rangili Galin Bich Ho Ho Hori.It Nandanandan Rasik Ladilo, Ut Vrishbhan Kisori. [1]Udat Gulal Kachhu Nahin Soojhat, Jhakjhoro Jhakjhori.Nagaridas Para...