सभी संत
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रसिक संत जीवनी
श्री छबीले वल्लभ गोस्वामी
जीवन चरित
ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।
श्री श्री छबीले वल्लभ गोस्वामी वाणी संग्रह
general
कुँजविहारी रसिक वर
हे श्री कुंज बिहारी लाल, हे रसिक शिरोमणि स्वामी श्री हरिदास! ऐसी कृपा करो कि मेरे ह्रदय में सदा निवास करो और मुझे सर्वोत्तम धाम श्री वृंदावन का वास प...
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अजन्म सदा जहाँ जन्मलियो
वेदों ने जिन श्रीकृष्ण को सदा अजन्मा कहा है, उन श्रीकृष्ण का जहाँ प्राकट्य हुआ, वहाँ का वास करने से जीव कभी भवसिंधु में नहीं फँसता। [1] संसार को रचने...
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आज कालकल्प जोपै बाराह बरत रह्यो
आज अक्षय तृतीया के पावन दिन पर वह कल्प-काल दिवस प्रकट होता है, जिसका फल नाश नहीं होता — उसका आदि और अंत अनंत से जुड़ा हुआ है। [1] इसीलिए इसे ‘अखतीज’ ...