सन्तग्रन्थरागश्लोकस्तोत्रकविता
मुख्यपृष्ठसंतश्री मनोहर दास
सभी संत

जीवन चरित

ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।

श्री श्री मनोहर दास वाणी संग्रह

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प्रनऊं वे श्री रसिक अनन्य

उन अनन्य रसिकों को मेरा प्रणाम है जिनके ह्रदय में स्वप्न में भी युगल सरकार श्री राधा कृष्ण के अतिरिक्त अन्य कोई नहीं बसा हुआ है। [1] वे श्री वृंदावन ...

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हा वृंदावन हा वंशीवट हा हा यमुना कुंज

हे श्री वृंदावन धाम, हे वंशीवट, हे यमुना कुंज, हे गोवर्धन में स्थित समस्त सुखों की राशि श्री राधा कुंड, श्री राधा के हृदय का अगाध प्रेम ही आपके रूप मे...

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प्रेम के हिंडोरे बलि

बलिहारी है आज प्रिया-प्रियतम (श्री राधा-कृष्ण) प्रेम के हिंडोले (झूले) में झूल रहे हैं। उन्होंने नीले और पीले वस्त्र धारण किए हैं, जिनकी आभा चारों ओर ...

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राधा कृष्ण सरोवर जुगल गोवर्धन नैना

गिरिराज गोवर्धन की दोनों आँखें श्री राधा कुंड और श्री श्याम कुंड रूपी दो युगल कुंड हैं। इनकी ऐसी दिव्य महिमा है कि ये साक्षात प्रिया-प्रियतम (श्री राध...

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कौन कहै को सुनें लाल कछुवै नहिं जानत

कौन कहे और कौन सुने, लालजी (श्री कृष्ण) को श्री राधा के अतिरिक्त कुछ भी सुध-बुध नहीं है। वे अपनी प्राणप्रिया, एकमात्र स्वामिनी श्री राधिका जू के अभाव ...