सन्तग्रन्थरागश्लोकस्तोत्रकविता
मुख्यपृष्ठसंतश्रीभट्ट देवाचार्य
सभी संत

जीवन चरित

ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।

श्री श्रीभट्ट देवाचार्य वाणी संग्रह

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साँवर ससि सँग लसि प्रिया

जिस प्रकार चंद्रमा के संग ज्योत्सना शोभायमान लगती है, उसी प्रकार श्यामसुन्दर के संग श्री राधिका रस में भरी परम शोभायमान हैं। आज वे अति ही आनंद में भरक...

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लोचन स्याम सुधीर के मोचन विरह विसाल

श्रीरंगदेवीजी श्रीललिताजी से कहती हैं- हे श्रीललिते ! श्री राधा के नेत्रों की ओर तो देख ! उनके ये नेत्र खंजन (पक्षी) की भाँति शोभायमान लग रहे हैं। यद्...

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बलि-बलि श्रीराधे-नँदनँदना

हे श्री श्यामा श्याम, आपकी सदा जय हो। [1] आपके सिवा मेरे ह्रदय की अघटित घटना कौन जाने। [2] मैं आपके चरण कमलों के दर्शन की लालसा हृदय में लिए वृंदावन म...

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राधे तेरे प्रेम की कापै कहि आवे

(पद) (राग बिलावल, एकताल) राधे तेरे प्रेम की कापै कहि आवे। तेरीसी गोपाल सौं, तो पै बनि आवै॥ [1] मन बच क्रम दुर्गम किशोर, ताहि चरण छुड़ावै। 'श्री भट्ट' ...

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बलि

हे श्री श्यामा श्याम, आपकी सदा जय हो। [1] आपके सिवा मेरे ह्रदय की अघटित घटना कौन जाने। [2] मैं आपके चरण कमलों के दर्शन की लालसा हृदय में लिए वृंदावन म...

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Shyam Batayo Nain Mein

Syam Batayo Nain Mein, Rahi Samujhi Sukunwari.Charan Lagyo Jab Kahayou Tab, Harshi Laal Nihari.- Shri Bhatt Devacharya, Yugal Shatak (30)Shri Krishna ...

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Lochan Syam Sudhir Ke

Lochan Syam Sudhir Ke, Mochan Virah Visaal.Bin Hi Anjan Yeh Aho, Khanjan Lochan Baal.- Shri Bhatt Devacharya, Yugal Shatak (63)Śrī Raṅgadevī Jī says t...

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Sanvar Sasi Sang Lasi Priya

Sanvar Sasi Sang Lasi Priya, Bhari Saras Ras Chhand. Dolat Hain Shri Radhika, Ati Hi Aju Anand. - Shri Bhatt Devacharya, Yugal Shatak (67)Just as moon...