SaintsBooksRagasShlokasStrotrasPoems
HomeSaintsbraj ke lokagita
All Saints

Biography & History

Vaishnava saint of the Braj tradition.

braj ke lokagita Collected Verses

dham

मैं तो आई वृन्दावन धाम किशोरी तेरे चरनन में

हे श्री राधा, मैं श्री वृन्दावन में आपकी शरण में आयी हूँ। हे मैं किशोरिजी आपके चरणों में आयी हूँ। [1] हे ब्रज की महारानी, यहाँ मुक्ति भी पानी भरती है...

general

मैं तो गोवर्धन को जाऊं मेरे वीर

"मैं तो गोवर्धन को जाऊं मेरे वीर ! न माने मेरो मनुवा" - ब्रज के लोकगीत एक सखी दूसरे से कहती है, हे सखी! मैं ब्रज में गोवर्धन की दिव्य भूमि में जाना च...

general

चरण रज राधा प्यारी की

श्री राधा प्यारी की चरणों की रज तेरी सारी बिगड़ी बना देगी। [1] यदि तू श्रद्धा पूर्वक श्री राधारानी के चरणों की रज को अपने मस्तक पर लगाएगा तो तेरी सोई...

general

इक कोर कृपा की कर दो स्वामिनी श्री राधे

हे स्वामिनी श्री राधे, मेरी ओर एक कृपा की दृष्टि डाल दो। इस दासी की झोली भी भर दो। [1] मैं सदा “राधा राधा” रटता रहूँ, आपके द्वार से कभी न हटूँ। मेरे ...

general

राधे मोहे ब्रज को बनइयो मोर

हे श्री राधे, मुझे ब्रज का मोर बना दो, मैं ता-ता-थेई ताल पर नृत्य करूँगा। [1] हे श्री राधे, मुझे चाहे बन्दर बनाओ तो निधुवन के भीतर का बन्दर ही बनाओ...

general

तीनों लोकों से न्यारी राधा रानी हमारी

तीनों लोकों से न्यारी राधा रानी हमारी रानी हमारी महारानी हमारी। ब्रह्मा शंकर पार न पावें ऋषि मुनि सब ध्यान लगावें इन्द्र लगावें बुहारी, राधारानी हमारी...

general

छवि देखी राधारमण की

आज मैंने श्री राधारमण जी की सुन्दर छवि देखि, जिनके शीश पर मोर-मुकुट सुशोभित है एवं कानों में कुण्डल शोभित है जिसकी छवि न्यारी है। [1] श्री राधारमण के...

general

सुन बरसाने वारी गुलाम तेरो बनवारी

हे बरसानेवाली श्री राधा, सुनिए — बनवारी श्री कृष्ण तो आपके ग़ुलाम हैं। आपकी पायल की रुनझुन पर श्री मुरारी वंशी बजाते हैं और उसी ताल पर नृत्य करते हैं...

general

सबसौ सुन्दर है बरसानों व्रज में

खोर साँकरी बड़ी रसीली, दधि लै चली कुँवरि गर्वीली, सखी सँग में वहुत हठीली, आगे मोहन गैल रोक दियो, रूप लुभानी कौ॥ [2] सबसौ सुन्दर—––––॥ दै जा दान कुँवर...