SaintsBooksRagasShlokasStrotrasPoems
HomeSaintsbraj ke sevaiyan
All Saints

Biography & History

Vaishnava saint of the Braj tradition.

braj ke sevaiyan Collected Verses

general

कर कंज से थामते हो जिसको

हे ब्रजराज श्री कृष्ण, जिस कदंब की डाल पर आप अपने कोमल कर कमल रखकर खड़े होते हैं, उसी कदंब का मुझे एक छोटा सा फूल बना दीजिए। जिस ब्रज की धूलि को आपके...

general

छबि थी छबि रासि के सन्मुख जो

ब्रजधाम अनंत महिमा से युक्त है, जहाँ हर ओर केवल सुंदरता ही बिखरी है, मानो यह धाम स्वयं सुंदरता का पुंज हो। यहाँ की समस्त गलियाँ और बीथियाँ वृक्षों और...

general

खेलत खेलत कुंजन में

गोपांगनाएँ उन्हें ढूँढ़ती हुई अपने-अपने मन में व्याकुल हो उठीं। [2] श्री राधिका ब्रज में नित्य विहार करती हैं, जिसका रहस्य कोई नहीं जान सकता अर्थात् ...

general

वास करें ब्रज में फिर

हम सदा नित्य ही ब्रज में वास करते हैं, हमें अन्य देशों और प्रदेशों का रास्ता भी जानना नहीं है। [1] हमारे हृदय में नित्य ही प्रिया लाल का प्रेम समाया...

general

सुख करे तन को मन को

सखी, यह प्रेम सरोवर का जल ऐसा है जो तन को और मन को सुख देने वाला है। [1] हम यहाँ स्नान करके ब्रज की रज को अपने शीश पर चढ़ाते हैं। [2] हमारी प्रार्थन...

general

राधिका पायके सेन सबै

श्री राधिका की आज्ञा पाकर सभी सखियाँ अचानक मनमोहन श्रीकृष्ण पर झपट पड़ीं। [1] उन्होंने श्रीकृष्ण का पीताम्बर और कमरिया (ऊपरी वस्त्र) छीन लिया और उन्ह...

general

इत वनमाल उत भृकुटी विशाल

इधर श्रीकृष्ण वनमाला से सुसज्जित हैं, और उधर श्रीराधिका की विशाल भृकुटी मन को मोह रही है। इधर श्रीकृष्ण के ललाट पर मोर मुकुट की शोभा है, तो उधर श्रीरा...

general

जिहिं कुंजन रास विलास करौ

हे श्री श्यामा-श्याम! जिस निकुंज में आपका रास-विलास हो रहा हो, मैं उस निकुंज की प्रतिदिन प्रदक्षिणा करूँ। [1] आप जिस मंदिर में निवास करते हों, मैं उ...

general

कोऊ महेश रमेश मनावत

कोई शिवजी की भक्ति करता है, कोई भगवान विष्णु को प्रसन्न करता है, कोई धन के देवता कुबेर की आराधना करता है, और कोई गणेश जी का भजन करता है। [1] कोई नरसि...

general

मुख सूख गया यदि रोते हुए

इस पद में भक्त अपने आराध्य से मान करते हुए, कटाक्ष के स्वर में कहता है— जब रोते-रोते मुख सूख गया और प्राण व्याकुल हो उठे, तब यदि अमृत पिलाया तो उसका क...

general

सुकुमारिता देखि कुमारी लजैं

श्रीकृष्ण ने जब गोपी का रूप धारण किया और अपनी सुकुमार सुंदरता दिखलाई, तब वास्तविक गोपियाँ भी लज्जित हो गईं, जैसे कोई चालाक चोर को देखकर चौंक जाए। गोप...

general

महारास देखवे पधारे शिव गोपिका ने

महारास के दर्शन करने के लिए भगवान शिव वृंदावन में पधारे, लेकिन द्वार पर खड़ी ललिता सखी ने शिवजी से कहा कि पहले दीक्षा लीजिए तब महारास में प्रवेश कीजि...

general

उर ऊपर नित्य रहूँ लटका

हे नंदलाल! मुझे ऐसा बना दो कि मैं तुम्हारे हृदय से सदा लिपटा रहूँ, मुझे अपनी वनमाला का फूल बना दो। [1] मुझे उस कलिंदी तट का अंश बना दो, जहाँ तुम्हार...