भगवान शंकर के वचन: हे शिवे (पार्वती)! बिना राधा रानी के जो श्याम की अर्चना [जप एवं ध्यान] करता है वो तो पातकी है अर्थात् गौरतेज [राधा] के बिना श्यामते...