युगल सरकार, श्री विहारी-विहारिन, आज वसंत उत्सव माना रहे हैं। अबीर और गुलाल के रस-मेघ उमड़ रहे हैं, मानो रंगों की पिचकारी से प्रेम-रंग बरस रहा हो। [1] ...