हे श्री राधे जो कोई आपके 'श्री राधा' इस एक ही अमृत-रूप नाम का गान अथवा स्मरण कर लेता है उसके अनन्त-अनन्त महत् अपराधों की आपके महाप्रेमाविष्ट प्रियतम म...