श्री भगवतरसिकजी कहते हैं कि जो साधक श्रीयुगल के इस ध्यान को मन लगाकर सीखता, सुनता और समझता है, उन पर नित्यरसिक (श्रीप्रिया-प्रियतम अथवा स्वामी श्री हर...