जो कुछ करनी थी वो मैंने कर ली, अब मुझे और कुछ नहीं करना है। अब मैं श्री हित हरिवंश जी की शरण ग्रहण कर, श्री राधारानी की कृपा से श्री वृंदावन धाम की रज...