SaintsBooksRagasShlokasStrotrasPoems
HomeSaintsshri chandrasakhi
All Saints

Biography & History

Vaishnava saint of the Braj tradition.

shri chandrasakhi Collected Verses

general

तेरो मुख नीको कि मेरो स्यामा प्यारी

श्री कृष्ण हाथ में दर्पण लिए श्री राधा से कहते हैं "हे श्यामा प्यारी, आपका मुख सुन्दर है की मेरा मुख?" [1] श्री राधा कहती हैं "मैं क्या कहूँ, आप स्वय...

general

वारी जाऊँ नागर नन्दा से मुकुट पर

ब्रज के मुकुटमणि नन्दनन्दन श्री कृष्ण पर मैं स्वयं को न्योंछावर करती हूँ। समस्त देवताओं में श्री कृष्ण बड़े हैं, जैसे तारों के मध्य चंद्र। [1] समस्त ग...

general

तेरे चरण कमल में श्याम लिपट जाऊँ रज बन के

हे श्री श्यामसुंदर, मेरी यह कामना है की मैं आपके चरणों की रज बनकर सदा उन्हीं से लिपटी रहूँ। आपके माथे पर मोर मुकुट विराजमान है, सुन्दर तिलक धारण है, स...

general

चलो सखी वृन्दावन चलिये मोहन बेनु बजाये री

अरी सखी, चलो वृंदावन चलते हैं क्योंकि मोहन श्री कृष्ण ने वहाँ वेणु बजायी है। वेणु को सुनते ही ब्रह्मदिक मोहित हो उठे और वेदों को अब वे पढ़ नहीं पा रहे...

general

या छवि की उपमा को दीजै

दिव्य दंपति श्री श्यामाश्याम की छवि की उपमा का वर्णन किस प्रकार किया जाये। वे दोनों रंग भरे आभूषण से सुसज्जित हैं जिनको निहार निहार कर आनंद रस का पान ...

general

आज बिरज में होरी रे रसिया

आज बिरज में होरी रे रसिया। होरी रे होरी रे बरजोरी रे रसिया। घर घर से ब्रज बनिता आई, कोई श्यामल कोई गोरी रे रसिया। आज…[1] इत तें आये कुंवर कन्हाई, उत त...

general

एक नज़र कृपा की करदो लाडली श्री राधे

एक नज़र कृपा की करदो लाडली श्री राधे, दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे। [1] माना की मैं पतित बहुत हूँ, तेरो पतित पावन है नाम लाडली श्री राधे। [2] एक...

general

नेक आगे आ श्याम तोपे रंग डारौं

हे श्याम! थोड़ा पास आओ, मैं तुम पर रंग डालूँ। तुम्हारे मुख पर अबीर-गुलाल मलूँ और गालों पर प्रेम से गुलचा लगा दूँ। [1] सुगंधित चंदन, सुरभित अबीर और अर...

general

ब्रज की रज मैं भई क्यों न बीर

हे सखी, मैं ब्रज की रज क्यूँ न बन गयी? यदि मैं ब्रज की रज होती तो गोकुल की डगर में पड़ी रहती और उड़ उड़ कर श्री श्याम सुंदर के शरीर से जा लगी रहती। [...

shloka

मन लागो जी स्यामाँ स्याम विलासी सों

मेरा मन उन परम विलासी श्री स्यामा-श्याम (राधा-कृष्ण) में पूर्ण रूप से अनुरक्त हो गया है। रात्रि बीत चुकी है और प्रातःकाल हो गया है, तथा सूर्य की किरणो...

general

श्री राधेरानी, दे डारो ना वाँसुरी मोरी

श्री श्याम सुंदर श्री प्रिया जी से प्रार्थना कर रहे हैं: हे राधा रानी, मेरी बांसुरी मुझे लौटा दो ना ? इस वंशी में मेरे प्राण बसे हैं जो अब चोरी हो गई ...