उस जीव को रस का क्या चसका लगेगा जो रसिक शिरोमणी श्री कृष्ण से नेह नहीं लगाता। यह अमूल्य रस तो वही समझ सकता है जो रसिकों की संगति में पहुँचता है [1] ज...