shri hit rupalala
Biography & History
shri hit rupalala Collected Verses
कुंज बिहारी हो लाल दरसन दीजौ साँवरे
हे कुंजबिहारी लाल, मुझे अपना दर्शन प्रदान करो साँवरे। ऐसी कृपा हो कि मेरे दृग तुम्हारे गुणरूप को निहार कर सफल हो जाएँ। [1] अपने ललित त्रिभंगी रूप में...
तेजोमय अरु अमृतमय, आनन्दमय निज धाम
श्री प्रिया-प्रियतम का निज धाम तेजोमय, अमृतमय, आनंदमय, शोभामय, रसमय एवं सुखद है, जिसका नाम श्री वृंदावन है।
विपिन वर राज विहारिनि राजै
सर्वोकृष्ट श्री वृंदावन धाम पर विराज रही श्री कुंज बिहारिनी श्री राधिका का ही राज है जहां श्री कुंज बिहारी (कृष्ण) राधा रानी की इस आशा से सेवा करते है...
प्रातहिं मंगल आरति कीजै
प्रातः काल में ही श्री जुगल किशोर की मंगल आरती कीजिये जिनके अंग रूप एवं रस से छके हुए हैं। ऐसी अद्भुत छवि को अपने नेत्रों में सदा के लिए भर लीजिये। [1...
मेरे बल श्रीवृन्दावन रानी
मेरा बल एकमात्र श्री राधा हैं जो श्री वृंदावन धाम की महारानी हैं। मेरी राधारानी, प्रेम की प्रदायिनी हैं, जो दिन-रात वृन्दावन की कुञ्जों में श्रीकृष्ण...
देखी कहुँ गलिन में मो प्राण जीवनी
हे सखी, क्या तुमने मेरी प्राणप्यारी श्री राधा को ब्रज गलियों में देखा है ? हे प्यारे की जीवनी, मेरी भूल को आप क्यों देखती हो, आप क्यों लताओं में दूर च...