All Saints
V
Rasik Saint Biography
shri vrindavan devacharya
Biography & History
Vaishnava saint of the Braj tradition.
shri vrindavan devacharya Collected Verses
general
वृंदावन गिरी तैं चली रस की उठत तरंग
वृन्दावन हिमगिरि से प्रवाहित इस गीतामृत-गंगा की रस-धारा से रस की तरंगें उठती हैं, जिनमें रसिक भक्तों के मन नित्य स्नान करते रहते हैं।
general
बक विषयीजन परस इहि वेऊ विमल ह्वै जाउ
जिस प्रकार पारसमणि के स्पर्श से लौह-धातु भी स्वर्ण-रूप में परिवर्तित होने लगती है, चाहे वह स्पर्श जान-बूझकर किया गया हो या अनजाने में, उसी प्रकार भक्त...
general
नेह निगौड़े को पैडौ ही न्यारौ
प्रेम के मार्ग की गति ही न्यारी है। जो भी इस मार्ग का पथिक है उसे अंधा होकर ही चलना होता है (अर्थात् यहाँ आत्मसमर्पण कर चला जाता है और प्रेमास्पद के ब...
general
कबहुँ न विछुरै जोरि यह, दम्पति जनमन चोर
जैसे सूर्य की किरणें सूर्य से कभी पृथक नहीं होतीं, वैसे ही श्रीहरि और श्री राधिका एक क्षण के लिए भी अलग नहीं होते—दोनों सदा अभिन्न हैं।
general
कबहुँ न विछुरै जोरि यह, दम्पति जनमन चोर
यह दिव्य जोड़ी (श्री राधा-कृष्ण) एक क्षण के लिए भी बिछुड़ती नहीं है एवं सबके मन को हर लेने वाली है। यह सदा एकरस रहती है, और प्रेम में सराबोर होकर नित्...