प्राणवल्लभा श्रीराधा जी मणिजड़ित श्रेष्ठ आसन पर विराजमान हैं, प्रियतम अपने हाथ में शुक्लवर्ण चँवर को लेकर अनुरागपूर्ण भाव से स्वामिनीजू की सेवा में लगे...