रसिकों के सिरताज दिव्य दंपति, प्यारे श्री श्यामा श्याम, रथ में विराजमान हैं। [1] सहचरी सुंदर राग मलार में गा रही हैं एवं सुर ताल से बाजे बजा रही हैं।...