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Verses & Passages
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अग्र उभय ताकि बनी, है सन्तनके साथ
श्री अग्रस्वामी जी कहते हैं कि जो संतों का संग करते हैं और उनकी आज्ञा में चलते हैं, उनका सब प्रकार से कल्याण हो जाता है। जब तक वे संसार में रहते हैं, ...
general
अग्र काम हरिनाम से, संकट होत सहाय
श्री अग्रदास जी कहते हैं कि श्रीहरि का नाम ही जीव का सच्चा हितैषी है और नाम-स्मरण ही समस्त प्रकार के संकटों में सहायक सिद्ध होता है। इस संसार में कोई ...
general
अग्र आलकस जनि करो, हरि भजिबे के हेत
श्री अग्रदास कहते हैं कि श्री हरि के भजन में आलस्य मत करो। जीवन का बहुत समय बीत चुका है, अब थोड़ा ही बचा है — उसी थोड़े में सावधान हो जाओ और अपनी बिगड...
shloka
अग्र भजन आतुर करो जौ लौं पंजर श्वास
श्रीअग्रस्वामी जी सचेत करते हुए कहते हैं कि जैसे नदी किनारे पर लगा हुआ वृक्ष नदी के प्रवाह से कभी भी नष्ट हो सकता है, उसी प्रकार यह जीवन अत्यंत अनिश्च...