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Sacred Scripture

रस के पद

Verses & Passages

25 items
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आजु की शोभा कही न जाइ

अरी सखी, आज की शोभा किस भांति अभिव्यक्त करूं, कहने में नहीं आ रही है। स्वामी श्री हरिदास जी, श्री वीठल विपुलदेवजी, श्री विहारिनदेवजी, श्री सरसदासजी एव...

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आजु महा मंगल मन माई

हे सखी, आज मेरा मन महान आनंद को प्राप्त हो रहा है क्योंकि श्री प्रिया प्रियतम दोनों अत्यंत आनंद में भर अपनी रुचि के अनुसार केली विलास (क्रीड़ा) कर रह...

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प्रानप्रिया सखि आजु बनी

एक सखी दूसरी से कहती है - हे सखी ! आज मेरी प्राणप्यारी श्री किशोरी जी बहुत ही सुन्दर सजी हैं। उन्होंने नीलांवर ओढ़ रखा है। रति-काम केली क्रीड़ा (नित्य...

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यह आनंद कह्यौ ना परै री

श्रीललितमोहिनीजी कहती हैं कि हे सखी ! इस नित्य विहार रस का वर्णन नहीं किया जा सकता। रंगमहल की सेज पर ये दोनों प्रिया-प्रियतम अद्भुत खेल, खेल रहे हैं। ...

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रूप के जाल परयौ मन मेरौ

श्री ललित मोहिनी जी कहती है कि मेरा मन श्री श्यामा कुंज बिहारी के सौंदर्य जाल में ऐसा फंस गया है कि निरंतर उन दोनों की मुस्कानों में उलझा रहता है जो य...

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प्रियालाल देखि मन फूले

लाल (श्री कृष्ण) प्रियाजू (श्री राधा) को देखकर फूले नहीं समा रहे हैं। वे उन्हें बार-बार देख कर आनन्दित हो रहे हैं और उनके रूप रसासव का पान कर अद्भुत स...

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जैसे मेरे जिय में तू बसत है

श्री कृष्ण श्री राधा से कहते हैं - हे प्यारी जैसे मेरे ह्रदय में आप बसी हैं, वैसे ही मैं आपके ह्रदय में बसा हूँ कि नहीं ? आपकी छवि तो अहर्निश मेरे नेत...

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प्रियालाल खेलत बसंतर

प्रियाप्रियतम फाग खेल रहे हैं। झाँझ, मृदंग, डफ, वंशी, वीणा और मुहचंग सुन्दर सुरीली तान में बज रहे हैं। [1] दोनों प्रियाप्रियतम मिलकर नृत्य की नई-नई व...

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आवनौ जावनौ कहूं नाहीं

हम श्रीवृन्दावन को त्यागकर अन्यत्र कहीं जाते-आते नहीं क्योंकि यहीं श्रीहरि हमारे मन के समस्त भावों का पोषण करते रहते हैं और हम श्रीहरि के भावों का (पो...

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रंग हिडोरना री झूलत लाडिली पिय के संग

प्यारीजी (श्री राधा) प्रियतम (श्री कृष्ण) के साथ रंग (रस-विलास) के हिंडोले पर झूल रही हैं। सुन्दर रंग के वस्त्र धारण किये हुए वे मंद-मंथर गति से झूमती...

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श्रीबिहारनिदास लडावत त्यौं त्यौं

श्री बिहारिनदेव कहते हैं कि इस नित्य विहार रस में जैसे-जैसे सहचरियाँ प्रिया प्रीतम को प्रेम से लाड़ लड़ाती हैं, उनकी ललक (लालसा) और-और बढ़ती जाती है। ...

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हौं हूँ आई देखन स्याम

मैं उन श्यामसुन्दर को देखने आई हूँ, जो साँवले सलौने हैं, जिनके नेत्र विशाल हैं और जिन्हें श्री किशोरीजी ने सब प्रकार से पूर्णकाम कर रखा है। [1] ये मो...

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रोम-रोमनि अरुझि विलसत कामिनी

दिव्य प्रेम रूपी कामनाओं से भरे दोनों (प्रिय-प्रियतम) इस प्रकार रस-विलास कर रहे हैं कि एक की रोमराजि दूसरे की रोमावली में उलझी हुई है। अँग-अँग में समा...

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पिय पियरी सेज बनाई आज

प्रियतम ने आज पीली सेज सजाई है। चारों ओर की चमक-दमक भी पीली ही पीली है। अपने अंगों को भी इन्होने पीले वस्त्रों से सजाया है। [1] इनका सम्पूर्ण शरीर (च...

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मेरी स्वामिनी प्रसन्न बदन साँवरौ सुखरासि

मेरी स्वामिनी श्री राधा जी प्रसन्न मुख वाली हैं और श्रीकृष्ण सुख की राशि हैं। मैं इन दोनों को नित्य-प्रतिदिन, क्षण-क्षण लाड़ लड़ाता रहूँ और इनकी शाबाश...

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आजु बधाई वृंदावन सुख-सिंधु हिलोर

आज इस दिव्य वृन्दावन में बधाई है, जहाँ सुख का सागर निरंतर तरंगायित हो रहा है। प्रिया-लाल अपने तन और मन से उल्लासित हो रहे हैं, और कामदेव-रूपी मेघ गंभी...

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रसिकवर रसिकनी रस रासि

परम रसिकों में श्रेष्ठ श्री कृष्ण और रसिक शिरोमणि श्री राधा साक्षात् रस की राशि हैं। वे दोनों ही अत्यंत चतुर रसिक हैं और समस्त रसिक जनों के जीवन के आध...

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मत्त भये तन-मन न सँभार

दिव्य युगल (श्री राधा कृष्ण) नित्यविहार में ऐसे उन्मत्त हो रहे हैं कि उन्हें तन-मन की कोई सुध-बुध ही नहीं रहा है। दोनों ओर अपार आनंद उमड़ रहा है और दो...

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कहों री जो कहिबे की होइ

हे सखी, चाहे कोई इसे कितना भी बताने का प्रयास करे, पर सत्य यही है कि श्री बिहारी–बिहारिणी जू का नित्य विहार ऐसा अद्भुत और विलक्षण रस से परिपूर्ण है, ज...

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आरति कीजै सुंदरवर की

इन परम सुंदर युगल किशोर की आरती कीजिए। ये नवीन रसिक युगल, निकुंज के दो चंद्रमाओं के समान हैं, जो भक्तों के हृदय के समस्त दुखों और अज्ञान रूपी अंधकार क...

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तिनको दरस देव दुर्लभ

ऐसे महान जीवों का दर्शन करना देवताओं के लिए भी दुर्लभ है, जो श्री राधारानी की आराधना करते हैं। जो इस भूतल पर जन्म ग्रहण करके भी वृन्दावन का आश्रय नहीं...

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Meri Swamini Prasann Badan

Meri Swamini Prasann Badan, Sanvarau Sukha-Raasi.Inhin Ladaau Anudin Chhin-Chhin, Lahon Syaabasi. [1]Phooli Phooli Tahal Karon, Man Ke Manan Hulaasi.A...

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Kahon Ri Jo Kahibe Ki Hoi

(Raag Sarang)Kahon Ri Jo Kahibe Ki Hoi.Shri Bihari Biharani Kau Sukh Sakhi Ri, Janat Nahine Koi. [1]Prem Magan Ras Matt Rahat Nit, Tan Man Pran Samoi....

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Arati Kije Sundarvar Ki

Arati Kijai Sundarvar Ki.Nagar Naval Nikunj Indu Jug, Akhil Taap Tam Har Ki. [1]Nav Vilas Mridu Haas Manohar, Shravat Sudha Sukh Kar Ki.‘Shri Biharida...

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Rasikavar Rasikani Ras Rasi

Rasikavar Rasikanee Ras Raasi, Rasik-Sughar Rasikan Kee Jeevani, Jugal Paraspar Hasi. [1] Kok Kala Sangeet Siromani, Ang Ang Lavani Lasi, Ihi Ras Damp...