Verses & Passages
17 itemsठाकुरदास निज महल में, केलि नई नित होइ
श्री वृंदावन के निज महल में श्री श्यामा-कुंजबिहारी की नित्य नई-नई केलि-लीलाएँ होती रहती हैं। वहाँ स्वामी श्री हरिदास जी की कृपा के बिना कोई भी प्रवेश ...
नादी नृत्य निपुन बहु बांदी
शब्दों की चातुरी द्वारा वाद विवाद (बहस) करने वाले तो बहुत मिले, परंतु रस का वास्तविक स्वादी (रसिक) एक भी न मिल सका। हे नागरीदास! सहचरी भाव के दृढ़ अनन...
कै खानों कै सोवनौं
हे भाई, तुम अपने समय को केवल खाने/पीने, सोने पुन: उठने में ही व्यतीत कर रहे हो, तुम यह बात स्पष्टता से समझ लो कि प्रभु का मन से अनन्य एवं नित्य भजन कि...
रोग भोग सुख देह दुख
देह से संबंधित सुख-दुख, रोग-भोग, और सर्दी-गर्मी स्वाभाविक रूप से आते-जाते रहते हैं। अतः हे नागरीदास, इन सभी प्रपंचों को भलीभाँति त्याग कर, श्री युगल (...
ललित मोहिनी कृपा तें निरखत केलि विलास
श्री ललित मोहिनी देव जी की कृपा से, मैं युगल सरकार श्री बिहारी-बिहारिनी के अनुपम केली विलास के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर रहा हूँ। श्रीधाम वृंदावन नि...
अब कोउ कहो कूर कुटिल यह
हे भाई! चाहे अब कोई हमें क्रूर, कुटिल, कृपण, कामी अथवा मौनी क्यों न कहे — इन बातों की ओर हमारा कोई ध्यान ही नहीं है। श्रीस्वामी हरिदास जी की कृपा से र...
ललित मोहिनी कुंज में दई पुंज दरसाय
श्री ललित मोहिनी कुंज में प्रिया-प्रियतम के रस-सौंदर्य के अपार पुंज का दर्शन उनकी कृपा से ही संभव हुआ है। ठाकुरदास कहते हैं — वहाँ सहचरियाँ प्रेमरस मे...
देत दीन कूँ दान नित सदा वृन्दावन वास
जो दीन को सहज ही श्री धाम वृन्दावन का वास प्रदान करते हैं, ऐसे स्वामी श्री हरिदास जी महाराज का भजन कर अपने मन को सदा उस परम शीतल, सुखद श्यामा कुंजबिहा...
ललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूप
श्रीधाम वृन्दावन के ललित-मोहिनी (रसमय) कुंज में श्री प्रिया-प्रियतम का अद्भुत स्वरूप विराजमान है। उन कुंजों में श्री ठाकुरदास जी रसों के सम्राट श्रीस्...
बिपुल बिहारिनिदासि तैं अब छिन छिन मन आनंद
श्री बीठलविपुलदेव जू एवं श्री बिहारिनदेव जू के संग से मेरा मन अब प्रतिक्षण आनंद में निमग्न रहता है। इन्हीं की कृपा-बल से नित्य दूल्हा-दुल्हन, श्री श्य...
Lalit Mohini Kripa Te Nirakhat Keli Vilas
Lalit Mohini Kripa Ten, Nirakhat Keli Vilas.Nitt Nayo Vrindavipin, Bali Bali Thakur Das.- Shri Thakur Das, Sri Thakur Das Ju Ki Vani, Saakhi (5)Throug...
Shri Guru Sandhi Subhav Na Paavat
Shri Guru Sandhi Subhav Na Paavat, Gaavat Jag Jas Dhuta.Bina Ananya Vihara Chahat, Kyon Paavhuge Puta.- Shri Nagri Dev, Nagri Dev Ju Ki Vani, Saakhi (...
Bipul Biharinidasi Tain Ab Chhin Chhin Man Anand
Bipul Biharinidasi Tain, Ab Chhin Chhin Man Anand.Yaun Nirkhat Nagridas Nit, Dulahu Dulahini Makarand.- Shri Nagri Dev, Nagri Dev Ju Ki Vani, Saakhi (...
Ab Kou Kaho Koor Kutil Yah
Ab Kou Kaho Koor Kutil Yah, Kaami Kripan Kaho Kou Mauni.Yaun Kautik Kripa Nirakhai Nitya, Shrinagridasi Liyein Ras Thauni.- Shri Nagri Dev, Nagri Dev ...
Lalita Mohini Kunj Mein
Lalita Mohini Kunja Mein, Rajata Adbhuta Roop. Thakura Dasa Ananya Bhaji, Shri Swami Rasa Bhoop.- Shri Thakur Das, Sri Thakur Das Ju Ki Vani, Saakhi (...
Lalit Mohini Kunj Me Dayi Punj Darsay
Lalit Mohini Kunj Mein, Dayi Punj Darsay.Thakur Daasi Nit Sahchari, Sevat Hiy Hulasay.- Shri Thakur Das, Sri Thakur Das Ju Ki Vani, Saakhi (3)In the L...
Det Deen Ko Daan Nit Sada Vrindavan Vas
Det Deen Kun Daan Nit, Sadaa Vrindavan Vaas.Samata Aur Seetal Mai, Bhaji Lai Shri Haridas.- Shri Thakur Das, Sri Thakur Das Ju Ki Vani, Saakhi (2)To h...