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Sacred Scripture

श्री घनानंद ग्रंथावली

Verses & Passages

4 items
general

देख्यौ देख्यौ राधा को बृंदावन

श्री आनंदघन कह रहे हैं "मैंने श्री राधा रानी का वृन्दावन देख लिया है, जिससे मेरा जीवन सब प्रकार से सफल हो गया है। [1] यमुना किनारे युगल दम्पति श्री र...

general

ऐसें आरती करौ

प्रभु की आरती करनी हो तो ऐसी करो, हृदय-रूपी स्थिर और विशाल थाल सजाकर, उसमें प्रेम-रूपी दीपक को प्रज्ज्वलित कर रख दो। [1] स्नेह से युक्त, निर्मल ज्य...

general

राधे दै बृंदावन-बास

हे श्रीराधे! कृपा करके मुझे श्रीवृंदावन में निवास प्रदान कीजिए। मेरा मन उसी प्रकार आप में स्थिर बना रहे, जैसे कोई पनिहारिन अपने सिर पर मटका रखे चलती ह...

general

नित बिहार बृंदावन राधा मोहन

श्रीराधा और श्रीमोहन (श्रीकृष्ण) श्री धाम वृन्दावन में नित्य विहार करते रहते हैं। वे स्वभाव से ही सहज रंगीले, छैल-छबीले हैं, जो हृदय में प्रेम का संचा...