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जुग मुख छबि बरनी न परै री
श्री प्रियालाल के मुखारविन्दों की रूप-माधुरी कहते नहीं बनती। परस्पर प्रेम-भरी बातों से इनके दिव्य श्रीअंगों में अनंग का संचार हो रहा है। नयनों ही नयनो...
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जुग मुख छवि बरनी
श्रीप्रियालाल के मुखारविन्दों की रूप-माधुरी कहते नहीं बनती। परस्पर प्रेम भरी बातों से इनके दिव्य श्रीअगों में प्रेम रूपी अनंग का संचार हो रहा है। नयन...