SaintsBooksRagasShlokasStrotrasPoems
HomeGranthasश्री स्वामिनियाष्टकम्
All Books
Sacred Scripture

श्री स्वामिनियाष्टकम्

Verses & Passages

6 items
general

निमंत्र्य प्रातर्या निजहृदयनाथं

निमंत्र्य प्रातर्या निजहृदयनाथं निरूपमा समाकार्यै काकिन्यतिघनवनादात्मभवने॥ विधायान्नं स्वादुस्वयमति मुदा भोजयति सामयि प्रीता राधा भवतु हरि संगार्पित म...

general

निधाय श्यामांसे निजभुजलतामिंदु

निधाय श्यामांसे निजभुजलतामिंदु वदनं कटाक्षैः पश्यंती कुवलय दलाक्षी मधुपतेः॥ मुदा गायन्ती या मधुर मुरली जात निनदानुसारं तारं सा फलतु मम राधावदनयोः॥ - ...

general

अमंद प्रेमार्द्रात्किसलयमयात्केलिशयन

प्रियतम के चर्वित ताम्बूल को मुख में रख केलिशयन उपरांत उषा काल में जग कर अरुण कपोल वर्णित ताम्बूल प्रक्षेप का विचार करने वाली, कुञ्ज से घर को पधारते स...

general

प्रियेणाक्ष्णा संसूचित् नवनिकुंजेषु

प्रियेणाक्ष्णा संसूचित् नवनिकुंजेषु बिविधप्रसूनै र्निर्मायातिशय रुचिरं केलिशयनम्। दिवाष्येषां गुंजन्मधुपमुखरे धीरपवनाश्रिते क्रीडंती में निज चरण दास्य...

dham

कदंबारूढं या निजपतिमजानंत्यहनि

प्रियतम के कदंबारूढ़ होने से अनभिज्ञ, जिन्हें सखी से प्रियतम की कथा के मध्य विरह हुआ, पश्चात् सब ओर दृष्टि कर अकस्मात जब ऊपर प्रियतम के दर्शन से मुख कम...

general

रहस्यं श्रीराधेत्यखिल

समस्त निगमागमों का धन, निगूढ़ पर रहस्य के समान, 'श्रीराधे’' वह नाम ही मेरी इस वाणी से उच्चारण होता रहे। इसके अतिरिक्त और कोई नाम उच्चरित ही न हो। साध...