सन्तग्रन्थरागश्लोकस्तोत्रकविता
मुख्यपृष्ठग्रन्थअभिलाष बत्तीसी
सभी ग्रन्थ
Sacred Scripture

अभिलाष बत्तीसी

ग्रन्थ के पद एवं श्लोक

4 items
general

राधा कृष्ण गावै रोम-रोम हरसावै

जिनके द्वारा श्री राधा कृष्ण का गुणगान करने से रोम रोम हर्षित हो जाता है एवं प्रेम की मानो झरी से लग जाती है एवं अंग अंग पुलकित हो उठता है। [1] इस प्...

general

हिय अकुलाल तरसात सरसात सदा

मेरा हृदय अकुला रहा है, तड़प रहा और व्याकुल हो रहा है; मैं आज बार-बार विनती करता हूँ, कृपया शीघ्र अपनी कृपा प्रदान करें। [1] मैं एक क्षण की भी बाधा स...

general

जाति पाँति नाना भांति कुल अभिमान तजि

जाति, पंथ और कुल का अभिमान त्यागकर, मैं नित्य रसिकों के चरणों में श्रद्धापूर्वक सिर नवाऊँगा। [1] मैं सेवाकुंज, रासमंडल, यमुना पुलिन, वंशीवट, निधिवन...

general

Jaati Paanti Nana Bhanti Kul Abhiman Taji

(Kavitt)Jaati Paanti Nana Bhanti Kul Abhiman Taji,Nishidin Sheesh Kaun Navaoon Rasikan Mein. [1]Sewakunj Mandal Pulin Vanshivat,Nidhivan Au Sameer Dhe...