सन्तग्रन्थरागश्लोकस्तोत्रकविता
मुख्यपृष्ठसंतश्री प्रेम
सभी संत

जीवन चरित

ब्रज परंपरा के वैष्णव संत।

श्री श्री प्रेम वाणी संग्रह

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जानते नहीं हैं तन्त्र मन्त्र यन्त्र

मैं तन्त्र, मन्त्र, यन्त्र अथवा अन्य कोई साधना नहीं जानता, मैं तो एकमात्र श्री बाँके बिहारी जी को ही जानता हूँ एवं उन्हीं के चरणों की शरण में रहता हूँ...

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लग्यो झांकन नित्य बिहारहि मैं

श्री स्वामी हरिदास जी की कृपा से मैं प्रिया-प्रियतम के नित्य विहार की झांकी निहार रहा हूँ। [1] श्री ललिता सखी ने एक सुंदर सेज सजाई है जिस पर श्री श्य...

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रूप भरे रँग भरे मधुस्मित गन्ध भरे

जिनका मुख कमल मधुर से भी अधिक मधुर, अमृत से भी अधिक सुस्वादु है, जो रूप, रंग और माधुर्य से पूर्ण है। [1] जिनके मुख पर गौरव की प्रभा है, और जो आनंद के...

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अज बिष्णु, महेश, बृजेश, श्री

ब्रह्मा, विष्णु, महादेव, ब्रजेश्वर श्रीकृष्ण और स्वयं लक्ष्मीजी जैसे श्रेष्ठ अधिकारी भी श्री कुंजबिहारी एवं कुंजबिहारिणी की महिमा को पूर्णरूपेण नहीं ज...