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Biography & History

Vaishnava saint of the Braj tradition.

brahm vaivart purana Collected Verses

dham

आदौ राधां समुच्चार्य पश्चात् कृष्णं परात्परम्

जो पहले राधा का नाम लेता है बाद में श्री कृष्ण का नाम लेता है वह समझदार है, वह गोलोक जाता है।

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राशब्दोच्चारणादेव स्फीतो भवति माधवः

राशब्दोच्चारणादेव स्फीतो भवति माधवः। धाशब्दोच्चारतः पश्चाद्धावत्येव ससंभ्रमः॥ - ब्रह्मवैवर्तपुराण -4.52.38 (खण्डः 4 [श्रीकृष्णजन्मखण्डः]/अध्यायः 52 / ...

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'रा' का उच्चारण करने से श्री कृष्ण का रोम रोम प्रफुलित होजाता है

'रा' का उच्चारण करने से श्री कृष्ण का रोम रोम प्रफुल्लित होजाता है, 'धा' का उच्चारण होते ही वह 'राधा' शब्द का उच्चारण करने वाले के पीछे प्रेम में विभो...

dham

आदौ राधां समुच्चार्य पश्चात्कृष्णं

विज्ञ पुरुष को सर्वप्रथम राधा का तत्पश्चात् कृष्ण के नाम का उच्चारण करना चाहिए। इसमें व्यतिक्रम करने से निःसंदेह उसे ब्रह्म हत्या के समान पाप का सहगाम...

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चक्रं चक्री शूलमादाय शूलिपाशं पाशी वज्रमादय वज्री

​जो कोई निरंतर राधा नाम लेता है, उस जीव की रक्षा हेतु भगवान विष्णु चक्र धारण करके, इन्द्र वज्र लेकर, शंकरजी त्रिशूल लेकर उसके रक्षक बने रहते हैं।

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आधौ नाम तारिहैं श्री ‘राधा’

‘रा’ अर्थात आधा नाम राधा शब्द का ही काफी है भवसागर से पार होने के लिए।‘ध’ कहने से हमारी जो रोज़ आयु नष्ट होती है, वह हानि रुक जाती है। ‘ध’ माने धारण क...

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सर्वासां रसिकानां च देवीनामीश्वरी परा प्रवदन्ति पुरा सन्तस्तेन तां रसिकेश्वरीम्

समस्त भगवद्स्वरूपो के उपासको में सर्वोत्तम श्रेणी होती है 'रसिक', उन समस्त रसिको की सर्वस्व प्राणाधिक इष्ट/स्वामिनी श्री राधा हैं, अत: श्री राधा का एक...

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राधा रासेश्वरी रसवासिनी रसिकेश्वरी

श्री राधा रासेश्वरी हैं, स्वयं मूर्तीमान रस स्वरूप हैं और रसिक शेखर श्रीकृष्ण की स्वामिनी हैं। वह श्रीकृष्ण को प्राणों से अधिक प्रिय हैं, श्रीकृष्ण की...

shloka

आधौ नाम तारिहैं श्री ‘राधा’

- ब्रह्म वैवर्त पुराण - कृष्ण जन्म खंड - 13/107 ‘रा’ अर्थात आधा नाम राधा शब्द का ही काफी है भवसागर से पार होने के लिए ।‘ध’ कहने से हमारी जो रोज़ आयु नष...

shloka

सर्वासां रसिकानां च देवीनामीश्वरी परा प्रवदन्ति पुरा सन्तस्तेन तां रसिकेश्वरीम्

समस्त भगवद्स्वरूपो के उपासको में सर्वोत्तम श्रेणी होती है 'रसिक', उन समस्त रसिको की सर्वस्व प्राणाधिक इष्ट/स्वामिनी श्री राधा हैं, अत: श्री राधा का एक...