shri vrindavan vas dijiye - shri lalit kishori, abhilash madhuri, vinaya
Biography & History
shri vrindavan vas dijiye - shri lalit kishori, abhilash madhuri, vinaya Collected Verses
भ्रमरी ह्वै कब डोलिहौं, श्री वृन्दावन गैल
कब ऐसा शुभ समय आएगा जब मैं भ्रमरी बनकर श्री वृंदावन की पावन गलियों में विचरूँगा और श्री राधा-कृष्ण के चरण-कमलों से झरते दिव्य मकरंद-रस का आस्वादन कर स...
जमुनापुलिन कुंज गहिवरकी
कब मैं जमुना पुलिन स्थित गह्वर वन में कोकिल बनकर द्रुम पर बैठकर श्यामा श्याम के लिए मधुर गान करूँगा। [1] कब मैं प्रिया लाल के चरण कमलों का भौंरा बनूँ...
निधुवन द्रुम डारिन कवै, ह्वैहौं पक्षी कीर
कब मैं निधिवन में वृक्ष की डाल पर तोता बनूँगा और श्री राधा-रमन लाल के नाम का रटन कर अधीर हो उठूँगा?
तनमन हमारो सो तो सबही लडैतीजू को
हमारा तन, मन और सर्वस्व तो लड़ैती जू (श्री राधा) का ही है, और हमारा जीवन भी वृषभानु नंदिनी श्री राधा ही हैं। [1] उनके अधरामृत के प्रसाद को पान करने...
मेरे मन सब भाँति बिगारी
मेरे मन ने हर किसी से सब भाँति बिगाड़ ली है। वेदों एवं शास्त्रों की मर्यादा तथा लोक-लाज, कुल आदि की मर्यादाओं से मुख मोड़कर, उसे अपने ह्रदय से सदा-सदा...
मोकों आस स्वामिनी तेरी
हे स्वामिनी [श्री राधे]! मुझे तो एक मात्र तुम्हारी ही आशा है। युगल रस का पान किए बिना मेरी अखियाँ जल से पृथक मीन के समान तड़प रही हैं। [1] मेरे प्राण...
श्रीवृन्दावन वास दीजिये
हे वृषभानु-दुलारी श्री राधिका! अब हमारी यही अभिलाषा है कि आप हमें श्री वृंदावन का वास प्रदान करें। [1] जब आप वंशीवट पर नटनागर श्रीकृष्ण के साथ केली-व...
"राधा नाम ही सों काम"
श्री राधा नाम से ही मेरा एक मात्र काम है। राधा नाम ही मेरा परम धन है क्यूंकि यह कल्पद्रुम (वह वृक्ष जो सारी कामनाओं को पूरा कर देता है) के समान है और ...
राधा नाम को आराध
हे जीवों, यदि आप वास्तव में अपना लक्ष्य शीघ्र प्राप्त करना चाहते हैं, तो हर दूसरे आध्यात्मिक साधन को त्याग दें, बस हर श्वास के साथ श्री राधा का नाम जप...
राधा नाम को उर धार
आपको केवल राधा नाम को हृदय से धारण करना है, यह मान कर की किशोरीजी के नाम में वह बैठी हैं। आपको बिना प्रयास के ही श्याम सुन्दर कुञ्ज द्वार में मिल जाएं...
राधा नाम को आधार
श्री ललित किशोरी जी कहते हैं की उनके जीवन का आधार एक मात्रा श्री राधा नाम ही है । यह वह दिव्य नाम है जो श्री लाल जी निरंतर रटन करते हैं एवं समस्त रस क...
श्रीराधारानी श्रीवन दृग दरसावौ
हे श्री राधारानी! कृपा करके मुझे श्रीवृन्दावनधाम का दर्शन प्रदान करें जिससे मैं आपके चरणचिह्नों से चिन्हित वृंदावन की रज को अपने समस्त अंगों से स्पर्श...
येहो स्वामिनि गजगामिनि मनभामिनि
हे मेरी स्वामिनी (श्री राधा), हे गजगामिनी (मस्त हाथी के समान चाल वाली), हे मन को मोहित करने वाली, श्री राधे! प्रियतम रसिक लाल श्री कृष्ण केवल आपके ही ...
मिली है अंगधार ह्वै
जिस श्री वृन्दावन की रज में श्री युगल-किशोर के विचरण से उनके चरण-कमलों के पदचिह्न अंकित हुए हों, उस वन की रज में लोटने का सौभाग्य मुझे कब प्राप्त होगा...
राधा नाम को आराध
हे जीवों, यदि आप वास्तव में अपना लक्ष्य शीघ्र प्राप्त करना चाहते हैं, तो हर दूसरे आध्यात्मिक साधन को त्याग दें, बस हर श्वास के साथ श्री राधा का नाम जप...
बोलौ बन राधे सुखरासी
हे सुख राशि लाड़ली [श्री राधे], आप ही बताओ, मेरे अवगुण तो कितने होंगे, परंतु आप तो अपार करुणा की समुद्र हो, अत: आप मेरे अवगुणों को न विचारते हुए मुझ प...
कौन चूक चित धरी स्वामिनी जो मम सुरति विसारी
हे स्वामिनी (राधारानी) ऐसा मुझसे कौन सा अपराध बन गया कि आपने मुझे भुला ही दिया। [1] ऐसा क्या हुआ कि आपने मुझे अपनी निज सेवा से हटा दिया और वृंदावन से...
राधा नाम को उर धार
आपको केवल राधा नाम को हृदय से धारण करना है, यह मान कर की किशोरीजी के नाम में वह बैठी हैं। आपको बिना प्रयास के ही श्याम सुन्दर कुञ्ज द्वार में मिल जाएं...