mirabai
Biography & History
mirabai Collected Verses
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
तूं ही नटवर तूं ही नागर, तूं ही बाल मुकन्दा। भजो रे मन गोविंदा, नटवर नागर नंदा॥ [2] सब देवन में कृष्ण बड़े हैं, ज्यों तारा विच चंदा। भजो रे मन गोविंद...
आली म्हाँने लागे बृन्दावन नीकौ
हे सखी, मुझे वृंदावन अति प्रिय लगता है। यहाँ हर घर में श्री तुलसी जी विराजमान हैं एवं श्री ठाकुर जी की पूजा होती है एवं नित्य दर्शन होता है। श्री जमुन...
'आली म्हाँने लागे वृन्दावन नीको'
'आली म्हाँने लागे वृन्दावन नीको' - मीराबाई अरी सखी, वृंदावन धाम मुझे अत्यंत प्रिय है।
चाकर रहसूं बाग़ लगासूं, नित उठ दरसन पासूं
"चाकर रहसूं बाग़ लगासूं, नित उठ दरसन पासूं ब्रिन्दाबन की कुञ्ज गलिन में, तेरी लीला गासूं" - मीराबाई हे कृष्ण, मैं सदा आपकी दासी रहूँगी और आपके लिए एक ...
चाकर रहसूं बाग़ लगासूं, नित उठ दरसन पासूं
हे कृष्ण, मैं सदा आपकी दासी रहूँगी और आपके लिए एक बाग लगाउँगी। प्रतिदिन सुबह उठ कर आपका दर्शन करुँगी। वृंदावन की कुञ्ज गलियों में विचरण कर, मैं आपके द...
बसो मोरे नैनन में नंदलालबसो मोरे नैनन में नंदलाल
हे कृष्ण, मेरे नैनों मैं आप नित्य ही निवास करो। [1] आपकी साँवरी सूरत एवं मोहिनी स्वरूप, विशाल नयन मन को मोहने वाले हैं। [2] आपके होठों पर रस स्वरूप बं...
आली म्हाँने लागे बृन्दावन नीकौ
हे सखी, मुझे वृंदावन अति प्रिय लगता है। यहाँ हर घर में श्री तुलसी जी विराजमान हैं एवं श्री ठाकुर जी की पूजा होती है एवं नित्य दर्शन होता है। श्री जमुन...