shri bani thani
Biography & History
shri bani thani Collected Verses
होरी होरी कहि बोले सब ब्रज की नारि
सभी ब्रज की नारियाँ "हो हो होरी" कहकर उल्लास से होली खेल रही हैं। नंदगाँव और बरसाने में होली का खेल चल रहा है, और इधर-उधर प्रेम-रस भरी गालियाँ गाई जा ...
रतनारी हो थारी आँखड़ियाँ
श्री प्यारी जू [श्री राधा] की अँखियाँ रतनारी हैं जो प्रेम रस में छकी एवं अलसा रही हैं मानो कमल की पंखड़ी के समान हैं। [1] जिनका सुंदर रूप देख कर मेरी ...
अब पौढ़नको समय भयो
अब पौढ़ने को समय आगया है, एक तरफ़ वृक्षों की छाया ढुर गई और दूसरी ओर चन्द्र ढुर गया है। [1] दोनों श्यामा श्याम सुखद सेज पर पौढ़े हैं, जिसका सुख श्री ...
आज बरसाने मंगल गाई
आज बरसाने में मंगल-गान हो रहा है। लाडली श्री राधा का प्राकट्य हुआ है, और हर घर में बधाइयाँ गूंज रही हैं। [1] मोतियों से आँगन को सुंदरता से सजाया गया ...
कुंजमहल में आज रंग होरी
आज कुंज-महल में रंगीली होली मची है। फाग खेलते-खेलते एक सुंदर संयोग बना है — राधा और कृष्ण के वस्त्रों की 'गठजोरी' (गाँठ जोड़ना) हो रही है। [1] सखियाँ ...
धीरे झूलो री राधा प्यारी जी
हे राधा प्यारी जी, आप धीरे धीरे झूला झुलिए ! समस्त सखियाँ गान करते करते नवल रंगीली श्री राधिका को झूला झूला रही हैं। [1] श्री बनी ठनी जी कहती हैं क...
कुंज पधारो रंग-भरी रैन
आज तो रस भरी रंगीन रात्री है, रंग भरी दुल्हन है और रंग भरे पिय श्याम सुंदर, आप दोनों मिलकर वृंदावन के कुंजों में पधारो। [1] रंग भरी ही सेज सजायी है ज...