shri charanadasa
Biography & History
shri charanadasa Collected Verses
वृन्दावन सबसौं बड़ो यथा दूध में घीव
जैसे दूध का सार तत्व घी होता है, वैसे ही समस्त धामों में वृन्दावन परम श्रेष्ठ है। जैसे सम्पूर्ण देह का आधार प्राण है, वैसे ही सब धर्मों का सार, मूल और...
जीवन मुक्तन को जहां है नाहीं अधिकार
श्री चरणदास जी कहते हैं कि जहाँ उन महापुरुषों को भी प्रवेश का अधिकार नहीं है जो जीवन-मुक्त हैं, उस परम गोपनीय निकुंज धाम में श्री शुकदेव जी सखी स्वरूप...
मुकुट पर वारी रे नागरनन्दा
नन्दनन्दन, श्री कृष्ण के मुकुट की शोभा पर न्योछावर हूँ। समस्त सखियों के बीच श्री हरि इस प्रकार सुशोभित हो रहे हैं, जैसे नक्षत्रों के मध्य चन्द्रमा विर...
बन गहबर सर प्रेमसर, घाट श्रीयुगल बिहार
वनों में गह्वर वन, सरोवरों में प्रेम सरोवर, घाटों में श्री युगल-विहार घाट, गलियों में कुंज गलियाँ और पर्वतों में श्री गोवर्धन परम रमणीय हैं।
कंचन की यह भूमि है
श्रीधाम वृंदावन की यह भूमि स्वर्ण जैसी है, जिसने सतोगुण रूपी आभूषण धारण कर रखा है। श्री चरणदास बार बार बलिहारी जा रहे हैं, जिसे केवल दिव्य दृष्टि से ...
सेवाकुंज सो कुँज निज सम्पति दम्पति सेव
यह सेवाकुंज ही हमारा परम निज-धाम कुंज है, जहाँ निरंतर श्री प्रिया-प्रियतम की सेवा करना ही हमारा परम लक्ष्य है। यह सेवा ‘तत्सुख-सुख’ के भाव से की जाती ...