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Biography & History

Vaishnava saint of the Braj tradition.

shri rup mnjari Collected Verses

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राधे मेरे प्रान अधार

श्री राधे जू मेरे प्राणों का आधार हैं। किसी का जीवन कुछ भी हो, परंतु सत्य तो यह है कि मेरा जीवन तो एक मात्र श्री राधा ही हैं। [1] मेरे हृदय में युगल ...

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अंस भुजा दियैं आवत जमुना तीर

एक दूसरे को आलिंगन किए हुए श्री श्यामा श्याम यमुना किनारे आ रहे हैं। वे आलस्य में भरे, डगमगाते हुए अपने चरणों को धरती पर रख रहे हैं जिनका चंचल सौंदर्य...

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रूप की बेली है अलबेली

अलबेली श्री राधा रूप की बेली है। वे जब मंद मंद मुस्कुराती हैं तो ऐसा लगता है मानो फूल बरस रहे हैं जिनका कुच मण्डल नवीन फल के समान है। [1] वे अपनी प्र...

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निकुंज में ठाढ़े जुगल किसोर

निकुंज में युगल सरकार, श्री राधा-कृष्ण युगल अत्यंत सुशोभित हैं, दोनों ने एक-दूसरे के गले में बाँहें डाल रखी हैं। आलस्य से भरी प्रभात बेला में वे जागे ...