हीरे बोरे भरकर नहीं मिलते, न ही हंस पंक्तियों में चलते हैं। शेरों की भी भेड़ों-सी भीड़ नहीं होती, वैसे ही वास्तविक रसिकों की कोई जमात नहीं होती —वे अत...