सन्तग्रन्थरागश्लोकस्तोत्रकविता
मुख्यपृष्ठग्रन्थवल्लभ साखी
सभी ग्रन्थ
Sacred Scripture

वल्लभ साखी

ग्रन्थ के पद एवं श्लोक

31 items
general

कोटि पाप छिन में टरे लेहि वृंदावन नाम

कोटि-कोटि पाप क्षणभर में मिट जाते हैं, जब कोई वृंदावन नाम का उच्चारण करता है। सुख की निधि “गोकुल गांव” का यश तीनों लोकों में गूंजता है।

general

श्री वृंदावन बानिक बन्यो कुंज कुंज अली केली

श्री धाम वृंदावन की शोभा देखते ही बनती है, जहाँ प्रत्येक कुंज में दिव्य दंपति श्री राधा-कृष्ण की केली लीलाओं का माधुर्य छलक रहा है। श्री राधा-कृष्ण ऐ...

general

रसिक जन बहु ना मिले सिंह यूथ नहिं होय

रसिक संत बहुत अधिक नहीं होते (अर्थात् वे अत्यंत दुर्लभ हैं), जैसे सिंह का कोई झुंड नहीं होता। विरह रूपी बेल सब जगह प्रकट नहीं होती, और न ही घट घट में...

general

बहुत दिना भटकट फिर्यो

बहुत दिनों तक नाना प्रकार की साधनाओं में भटकता रहा, परंतु उससे कल्याण संभव नहीं हुआ। लेकिन जब से श्री कृष्ण का मन से स्मरण और भक्ति की, तभी से हृदय को...

general

प्रेम पारखी जो मिले ताको करि मनुहार

जब कोई प्रेम का पारखी, अनन्य रसिक संत मिले तो उनका प्रेम से आदर सत्कार करो, क्योंकि श्री प्रिया प्रियतम ऐसे प्रेमी महात्माओं की कृपा से मिलते हैं। इसल...

general

जग में मिलन अनूप है भगवदियन को संग

इस संसार में सबसे अनुपम मिलन भगवत्प्रेमियों का संग है क्योंकि उनके संग के प्रभाव से मन सहजता से श्री कृष्ण के प्रेम-रंग में सराबोर हो जाता है।

general

रतन खचित कंचन महा

श्रीवृन्दावन की महान भूमि रत्नों से जड़ी हुई स्वर्णमयी है जहाँ समस्त वृक्ष कल्पवृक्ष हैं और फल-फूलों से लदी डालियाँ झूमती रहती हैं।

general

जागत सोवत स्वप्न में भोर द्योस निश सांझ

चाहे जाग्रत अवस्था हो, निद्रा हो या स्वप्न; चाहे प्रातःकाल, मध्यान्ह, संध्या या रात्रि का समय हो, सदा सर्वदा ब्रजेश्वर श्री कृष्णचंद्र के चरणकमलों को ...

general

उर बिच गोकुल नयन जल मुख श्री वल्लभ नाम

जो अपने हृदय में गोकुल बसाए रखते हैं, जिनकी आँखों में भक्ति के आँसू छलकते हैं, और जिनके मुख पर सदा श्री वल्लभ (श्रीकृष्ण) नाम रहता है, ऐसे भक्त की समस...

general

देखी देह सुरंग यह मति भूले मन मांहि

हे मन! मोहक देह के सुंदर रूप को देखकर बहको मत। यह कभी न भूलो कि श्री वल्लभ (श्रीकृष्ण) के अतिरिक्त इस संसार में कोई भी तुम्हारा सच्चा साथी नहीं है।

general

श्री वृंदावन के दरस ते

श्री वृंदावन का दर्शन जीव के लिए भगवत्प्राप्ति के मार्ग में अत्यंत अनुकूल और सहायक होता है। यह संसार एक अथाह समुद्र के समान है, जिसे पार करने का श्रे...

general

श्री यमुनाजी सो नेह करि यह नेमी तू लेह

यदि जीवन में कोई नियम अपनाना है, तो बस इतना कर — यमुना जी से अटूट प्रेम कर, और श्रीकृष्ण के दासों (भगवद्प्राप्त संतों) को छोड़ अन्य किसी से स्नेह न कर...

general

श्री वल्लभ वर को छांडि के भजे जो भैरव भूत

जो व्यक्ति भगवान श्री कृष्ण को छोड़कर भैरव-भूत आदि की उपासना करता है, उसका अंत अत्यंत अपमानजनक होता है जैसे किसी गणिका (वेश्या) के बेटे को समाज आदर-सम...

general

श्री वृंदावन के वृक्ष को मरम न जाने कोय

श्री वृन्दावन के वृक्षों की ऐसी महिमा है जिसका मर्म कोई भी नहीं जानता। यहाँ के वृक्षों के केवल एक पत्ते का स्मरण कर लेने मात्र से ही जीव के भीतर दिव्य...

general

पतितन में विख्यात हों

हे श्रीकृष्ण! मैं पतितों में सर्वाधिक प्रसिद्ध हूँ — ‘महापतित’ ही मेरा नाम है। अब मैं आपसे याचक बनकर यह प्रार्थना करता हूँ कि प्रत्येक क्षण मेरी शरणाग...

general

हरि जन आवे बारने हँसी हँसी नावे शीश

जब श्रीहरि के भक्त आपके द्वार पर पधारें, तब पूर्ण हर्ष और उल्लास के साथ, नतमस्तक होकर उनका वंदन करना चाहिए। उनके हृदय का आंतरिक भाव क्या है, यह तो वे ...

general

कृष्ण प्रेम मातो रहे, धरे ना काहु शंक

श्री कृष्ण के प्रेम में मतवाला भक्त किसी का भय नहीं रखता। केवल तीन गांठों वाला साधारण कौपीन धारण करते हुए भी, वह स्वर्ग के सम्राट इंद्र को भी भिखारी स...

general

मन नग ताको दीजिये जो प्रेम पारखी होय

अपने मन रूपी अनमोल रत्न को केवल उसी व्यक्ति को सौंपना चाहिए जो प्रेम का सच्चा पारखी अर्थात् रसिक संत हो। यदि कोई प्रेम की गहराई और मूल्य को समझने वाल...

general

Dekhi Deh Surang Yah Mati Bhule Man Mahi

Dekhi Deh Surang Yah, Mati Bhule Man Mahi.Shri Vallabh Bin Aur Koou, Tero Sangi Nahi.- Goswami Shri Hariray Ji, Vallabh Saakhi (38)O mind! Do not be d...

general

Ur Bich Gokul Nayan Jal Mukh Shrivallabh Naam

Ur Bich Gokul Nayan Jal, Mukh Shri Vallabh Naam.As Tadrishi Ke Sang Tein, Hot Sakal Sidh Kaam.- Goswami Shri Harirai Ji, Vallabh Saakhi (54)One who ke...

general

Jagat Sowat Swapna Mein Bhor Dyos Nish Sanjh

Jagat Sovat Swapn Mein, Bhor Dyos Nish Saanjh.Shri Vallabh Vraj Ish Ke, Charan Dharo Hiy Maajh.- Goswami Shri Hariray Ji, Vallabh Saakhi (35)Whether i...

general

Koti Paap Chhin Mein Tare Lehi Vrindavan Nama

Koti Paap Chhin Mein Tare, Lehi Vrindavan Naam.Teen Lok Par Gajiye, Sukhanidhi Gokul Gaam.- Goswami Shri Harirai Ji, Vallabh Saakhi (74)Countless sins...

general

Shri Vrindavan Ke Daras Te

Shri Vrindavan Ke Daras Te, Bhaye Jeev Anukool.Bhavsagar Athaah Jal, Utaran Ko Yah Tool.- Goswami Shri Hariray Ji, Vallabh Saakhi (71)Through the dars...

general

Sri Yamunaji So Neh Kari Yah Nemi Tu Leh

Sri Yamunaji So Neh Kari, Yah Nemi Tu Leh.Shri Vallabh Ke Das Binu, Auran So Taji Sneh.- Goswami Shri Hariray Ji, Vallabh Saakhi (76)If you truly wish...

general

Ratan Khachit Kanchan Maha

Ratan Khachit Kanchan Maha, Shri Vridavan Ki Bhoomi.Kalpavriksh Se Drum Rahe, Phal Phoolan Kari Jhoomi.- Goswami Shri Hariray Ji, Vallabh Saakhi (80)T...

general

Hari Jan Aave Barne Hansi Hansi Nave Sheesh

Hari Jan Aave Barne, Hansi Hansi Nave Sheesh.Unke Man Ki Ve Jane, Mere Mana Jagdish.- Goswami Shri Hariray Ji, Vallabh Saakhi (27)When the devotees of...

general

Mana Nag Tako Dijiye Jo Prem Parkhi Hoy

Mana Nag Tako Dijiye, Jo Prem Paarkhi Hoy.Natar Rahiye Maun Vahe, Kahe Jivan Khoy.- Goswami Shri Hariray Ji, Vallabh Saakhi (29)One should surrender t...

general

Jag Mein Milan Anup Hai Bhagwadian Ko Sang

Jag Mein Milan Anoop Hai, Bhagwadian Ko Sang.Tinke Sang Pratap Ten, Hot Shyam So Rang. - Goswami Shri Hariray Ji, Vallabh Saakhi (26)Among all associa...

general

Shri Vallabh Var Ko Chhandi Ke

Shri Vallabh Var Ko Chhandi Ke, Bhaje Jo Bhairav Bhoot.Anta Phajiti Hoygi, Jyon Ganika Ko Poot.- Goswami Shri Hariray Ji, Vallabh Saakhi (59)A person ...

general

Patitan Mein Vikhyaat Ho Mahapatit Mam Nam

Patitan Mein Vikhyaat Hon, Mahaapatit Mam Naam.Ab Yaachak Hoy Jaach Ho, Sharanagati Sab Yaam.- Goswami Shri Hariray Ji, Vallabh Saakhi (17)O Śrī Kṛṣṇa...

general

Shri Vrindavan Ke Vriksh Ko Maram Na Jaane Koy

Shri Vrindavan Ke Vriksh Ko, Maram Na Jaane Koy.Ek Paat Ko Sumar Ke, Aap Chaturbhuj Hoy.- Goswami Shri Hariray Ji, Vallabh Saakhi (73)No one can truly...