taj begama
Biography & History
taj begama Collected Verses
कालिंदी के तीर नीर-निकट कदंब कुंज
कदंब की कुंजों के निकट, यमुना के किनारे, मन में एक ऐसी इच्छा हुई कि सुंदर कमल के फूलों से सुसज्जित एक सेज हो। [1] ह्रदय के भावों को जानकर उसी समय इस ...
ध्रुव से प्रहलाद गज ग्राह से अहिल्या देवि
ताज बेगम कहती हैं, 'जिन्होंने ध्रुव, प्रह्लाद, गज-ग्राह, अहिल्या देवी, शबरी, गीधराज जटायु और विभीषण को इस संसार सागर से पार उतारा, वही श्री हरि हमारे ...
भानु के प्रकास बिना कंज मुख ठाँप रहे
सूर्य के प्रकाश के बिना, कमल के फूल की पंखुड़ियाँ बंद रहती हैं, केतकी फूल की सुगंध के बिना, भँवरे दुखी रहते हैं। [1] चाँद को देखे बिना, चकोर पक्षी का...
साहेब सिर ताज हुआ नन्दजू के आप पूत
स्वयं भगवान श्रीकृष्ण, नंद के पुत्र के रूप में इस संसार में प्रकट हुए। उन्होंने राक्षसों का वध किया और कालिया नाग के सिर पर अपनी छाप छोड़ी। [1] उन्हो...
मुस्क्यानि तिहारी जो मेंने लखी
इस पद में ताज बीबी कहती हैं — हे कृष्ण! जब से तुम्हारी उस मोहक मुस्कान को मेरे नेत्रों ने निहारा है, तब से मेरा हृदय प्रेम-रस से सराबोर हो गया है। [1]...
रवि को भरोसो अन्ध मेटि को उदोत करै
कोई सूर्य पर भरोसा करता है कि वह अंधकार को मिटाकर प्रकाश देगा, कोई चंद्रमा पर भरोसा करता है कि वह शीतलता प्रदान करेगा। [1] कोई देवगुरु बृहस्पति पर वि...
चैन नहीं मन में न मलीन
ताज़ बीबी वर्णन करती हैं कि श्री कृष्ण के वियोग की इस दारुण अवस्था में न तो चित्त को विश्राम है और न ही इन अश्रुपूरित नेत्रों को रोए बिना शांति प्राप्त...